कनाडाई अरबपति केविन ओ’लेरी ने अमेरिका में बन रहे एक डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना के खिलाफ ऑनलाइन गलत जानकारी फैलाने का संगठित अभियान चलाया जा रहा है। ओ’लेरी के मुताबिक डेटा सेंटर से पर्यावरण को नुकसान और अत्यधिक बिजली खपत जैसी बातें बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन दावों का उद्देश्य अमेरिकी ऊर्जा ढांचे के विकास को धीमा करना है। केविन ओ’लेरी ने आशंका जताई कि इस अभियान के पीछे चीन से जुड़े हित समूह हो सकते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका की तकनीकी और ऊर्जा प्रगति को रोकने के लिए विदेशी प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह विवाद यूटा में प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजना को लेकर सामने आया है। परियोजना समर्थकों का कहना है कि यह आधुनिक तकनीकी ढांचे और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं विरोध करने वाले लोग पर्यावरण और ऊर्जा संसाधनों पर प्रभाव को लेकर चिंता जता रहे हैं। ओ’लेरी ने इन आलोचनाओं को भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने डिजिटल और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की जरूरत है। इस बयान के बाद राजनीतिक और तकनीकी हलकों में बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सेंटर और ऊर्जा परियोजनाएं आने वाले वर्षों में रणनीतिक महत्व रखती हैं। मामले ने अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा और तकनीकी सुरक्षा को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
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