अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने 54 अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले सामानों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। इस सूची में भारत भी शामिल है। यह कदम सप्लाई चेन में जबरन श्रम (forced labour) को लेकर जताई गई चिंताओं के आधार पर लिया गया है। यह कार्रवाई सेक्शन 301 जांच के तहत प्रस्तावित की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले का असर भारत के निर्यात पर पड़ सकता है। खासकर उन उत्पादों पर जो चीनी इनपुट्स पर निर्भर हैं। हालांकि भारत में जबरन श्रम के खिलाफ पहले से ही घरेलू कानून मौजूद हैं। इसके बावजूद अमेरिका ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता को लेकर सख्ती दिखाई है। इस कदम से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कुछ सेक्टरों में लागत बढ़ सकती है। साथ ही निर्यात प्रतिस्पर्धा पर भी प्रभाव पड़ सकता है। आगे की नीति और वार्ता पर सभी की नजर बनी हुई है।
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