अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने घोषणा की है कि वित्तीय वर्ष 2026 के लिए भारतीय आवेदकों के लिए सभी उपलब्ध EB-2 आप्रवासी वीजा जारी कर दिए गए हैं। इस श्रेणी में प्रति देश सीमा (पर-कंट्री कैप) पहले ही पूरी हो चुकी है। अब 1 अक्टूबर 2026 से पहले किसी भी भारतीय नागरिक को EB-2 वीजा जारी नहीं किया जाएगा। अमेरिकी दूतावासों और कांसुलेटों को इन वीजा पर रोक लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं। यह रोक अगले वित्तीय वर्ष 2027 की शुरुआत, यानी 1 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। EB-2 श्रेणी उन पेशेवरों के लिए है जिनके पास उन्नत डिग्री या असाधारण क्षमता है। भारत से अमेरिका में काम करने वाले हजारों पेशेवर इसी वीजा श्रेणी पर निर्भर हैं। वर्ष 2026 के लिए कोटा जल्दी खत्म होने से कई आवेदकों की योजनाएं प्रभावित होंगी। अमेरिका में हर वित्तीय वर्ष में EB-2 के लिए 40,040 वीजा उपलब्ध होते हैं, जिसमें से प्रति देश को 7% का कोटा मिलता है। भारत जैसे देशों के लिए लंबी बैकलॉग की समस्या पहले से मौजूद है। यह निर्देश अब तक केवल EB-2 श्रेणी पर लागू है, अन्य श्रेणियां अभी खुली हैं। आवेदकों को अब 1 अक्टूबर 2026 के बाद नए सत्र में कोटा खुलने का इंतजार करना होगा। इस अवधि में न तो नए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे और न ही पेंडिंग मामलों में वीजा जारी किए जाएंगे। अमेरिकी सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम कानूनी सीमाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। यह स्थिति भारतीय पेशेवरों के लिए चुनौतीपूर्ण है, जिन्हें अक्सर वीजा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि आवेदक वैकल्पिक वीजा श्रेणियों पर विचार करें या अगले वित्तीय वर्ष की तैयारी करें। यह घोषणा अमेरिकी आप्रवासन नीति के तहत प्रति देश कोटा प्रणाली की सख्ती को दर्शाती है। अब देखना यह है कि आने वाले महीनों में इस पर कोई कानूनी या नीतिगत बदलाव होता है या नहीं।
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