अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते से वैश्विक ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत मिली है। समझौते के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई है। पिछले तीन महीनों से क्षेत्र में तनाव के कारण समुद्री गतिविधियां प्रभावित थीं। डील पर हस्ताक्षर होने के कुछ ही समय बाद तीन सुपर ऑयल टैंकरों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। एशियाई देशों को इस समझौते से विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि वे बड़ी मात्रा में तेल आयात करते हैं। लंबे समय से फंसे अन्य जहाजों के भी जल्द रवाना होने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला सामान्य होने में मदद मिलेगी। ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता कम होने की उम्मीद है। समुद्री व्यापार से जुड़े उद्योगों ने भी इस घटनाक्रम का स्वागत किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। शांति समझौते ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं।
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