अमृतसर में गर्म खाने की पैकिंग के लिए प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर स्वास्थ्य और पर्यावरण विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म भोजन को प्लास्टिक कंटेनरों में रखने से हानिकारक रसायन खाने में मिल सकते हैं। इससे लंबे समय में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शहर में कचरे के उचित पृथक्करण की कमी को भी बड़ी समस्या बताया है। उनका कहना है कि प्लास्टिक कचरे का सही तरीके से निपटान नहीं होने से प्रदूषण बढ़ रहा है। पर्यावरण में जमा हो रहा प्लास्टिक मिट्टी, जल स्रोतों और जीव-जंतुओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। कुछ कैंसर विशेषज्ञों ने प्लास्टिक प्रदूषण और बढ़ते स्वास्थ्य जोखिमों के बीच संबंधों को लेकर चिंता व्यक्त की है। हालांकि, उन्होंने इस विषय पर अधिक जागरूकता और वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्रों की स्थापना की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उनका मानना है कि बेहतर कचरा प्रबंधन से प्लास्टिक प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों ने लोगों से गर्म भोजन के लिए सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग का उपयोग करने की अपील की है। इस मुद्दे ने शहर में सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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