बॉम्बे हाईकोर्ट ने ILS लॉ कॉलेज के छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है। छात्रों को यह राहत अटेंडेंस कम होने के कारण दी गई है। अदालत ने इसे केवल शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए एक बार की व्यवस्था बताया है। कोर्ट ने इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का भी हवाला दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इसी तरह की स्थिति वाले छात्रों को राहत दी थी। बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश अटेंडेंस की कमी के कारण परीक्षा से रोके गए सभी संबंधित छात्रों पर लागू होगा। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि यह फैसला भविष्य के शैक्षणिक सत्रों के लिए मिसाल नहीं माना जाएगा। इससे अन्य सत्रों में लागू अटेंडेंस नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा। कॉलेज के जिन छात्रों को अटेंडेंस कम होने के कारण परीक्षा देने से रोका गया था, उन्हें इस आदेश से राहत मिलेगी। कोर्ट ने इस विशेष परिस्थिति में छात्रों के परीक्षा देने का रास्ता साफ किया है। यह राहत केवल 2025-26 सत्र तक सीमित रहेगी। अटेंडेंस संबंधी मौजूदा नियम अन्य शैक्षणिक सत्रों में प्रभावी रहेंगे।
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