विकासशील इंसान पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवादित बयान दिया है। यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया। सहनी ने चुनाव आयोग पर भाजपा के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हिंसक टिप्पणी भी की। सहनी ने 2029 में सरकार बदलने पर चुनाव आयोग से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का दावा किया। ये भविष्य से जुड़े उनके राजनीतिक दावे हैं, किसी स्थापित परिणाम का तथ्य नहीं। विवाद की पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े मामलों पर कथित असहमतियों की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कई मौकों पर प्रक्रियाओं और आदेशों को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं। चुनाव आयोग ने कहा कि आंतरिक विचार-विमर्श और टिप्पणियां उसकी सामान्य कार्यप्रणाली का हिस्सा हैं। आयोग ने यह भी कहा कि SIR समेत उसके आधिकारिक फैसले कानूनी प्रावधानों के अनुरूप और सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग के अनुसार आंतरिक टिप्पणियां अलग-अलग निर्णय नहीं मानी जातीं। SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है।
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