राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को लेकर दायर एक RTI के जवाब में कर्मचारियों की संख्या और उनकी नियुक्ति संरचना से जुड़ी जानकारी सामने आई है। NTA देश की प्रमुख परीक्षाओं का संचालन करती है और शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एजेंसी में कुल 198 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से कई आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट आधार पर नियुक्त हैं। इस खुलासे के बाद संस्था की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। के. राधाकृष्णन समिति ने भी पहले आउटसोर्सिंग पर निर्भरता कम करने की सिफारिश की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्थायी और पारदर्शी स्टाफिंग आवश्यक है। छात्रों और अभिभावकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सार्वजनिक हित में वेतन और खर्चों के अधिक विस्तृत खुलासे की मांग की जा रही है। यह मामला परीक्षा संचालन संस्थाओं की जवाबदेही पर बहस को आगे बढ़ा रहा है।
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