आईपीएल के नॉकआउट मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से हार के बाद गुजरात टाइटंस के खिलाड़ी ग्लेन फिलिप्स ने टीम का बचाव किया। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार के सवाल पर वह नाराज हो गए। पत्रकार ने पूछा था कि क्या पहली पारी के बाद टीम ने हार मान ली थी। इस पर फिलिप्स ने सवाल को बेहद बेवकूफाना और घटिया बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रोफेशनल टीम मैदान पर हार मानने नहीं उतरती। फिलिप्स ने कहा कि 250 से ज्यादा रन का पीछा करते समय हर चीज का टीम के पक्ष में होना जरूरी होता है। उन्होंने माना कि उस दिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने खराब फील्डिंग को हार का बड़ा कारण बताया। फिलिप्स ने कहा कि रुतुराज का कैच 21 रन पर छूटना टीम को भारी पड़ गया। उन्होंने माना कि प्लेऑफ जैसे मुकाबलों में फील्डिंग सबसे अहम भूमिका निभाती है। फिलिप्स ने कहा कि खिलाड़ी जानबूझकर कैच नहीं छोड़ते, लेकिन टीम को मानसिकता बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैदान पर हर खिलाड़ी में कुछ खास करने की भूख दिखनी चाहिए। पिच को लेकर उन्होंने कहा कि काली मिट्टी की पिच पर 254 रन का पीछा करना बेहद मुश्किल था। फिलिप्स ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि बाहर बैठने वाला खिलाड़ी कई बार मैच को ज्यादा साफ नजरिए से देखता है। उन्होंने टीम को हार भूलकर अगले मुकाबले पर ध्यान देने की सलाह दी। फिलिप्स का मानना है कि बड़ी हार से उबरना कई बार करीबी हार से आसान होता है क्योंकि टीम जल्दी आगे बढ़ पाती है।
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