झारखंड सरकार ने आउटसोर्स एजेंसी द्वारा कराई गई भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। यह फैसला छात्रों के लंबे विरोध प्रदर्शन और मैराथन कैबिनेट बैठक के बाद लिया गया। परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। सरकार ने भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार के लिए परीक्षा सुधार समिति बनाने का फैसला किया है। समिति का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाना होगा। प्रदर्शनकारी छात्र मामले की सीबीआई जांच की मांग पर अब भी कायम हैं। परीक्षा रद्द होने से करीब 2,000 सफल अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता पैदा हो गई है। इन अभ्यर्थियों में कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें चयन के बाद नौकरी मिल चुकी थी। परीक्षा रद्द होने से उनकी नियुक्तियों पर भी असर पड़ने की आशंका है। दूसरी ओर, कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर CID की जांच जारी है। CID मामले से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी भी कर रही है। सरकार के फैसले के बाद अब सफल अभ्यर्थियों के हितों और भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता के बीच संतुलन बड़ी चुनौती है।
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