DAVV में 50 नए स्नातक विषय शुरू होने से मूल्यांकन व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। विश्वविद्यालय को परीक्षाओं की कॉपियां जांचने के लिए करीब 300 और परीक्षकों की जरूरत पड़ रही है। नए विषयों के जुड़ने से मूल्यांकन कार्य का दायरा बढ़ गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन अतिरिक्त परीक्षकों की व्यवस्था करने में जुटा है। अलग-अलग विषयों के लिए योग्य और अनुभवी शिक्षकों की जरूरत होगी। परीक्षकों की कमी रहने पर मूल्यांकन प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। इससे परीक्षा परिणाम घोषित करने में भी देरी हो सकती है। विश्वविद्यालय नए विषयों के अनुरूप मूल्यांकन व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। संबंधित विभागों और शिक्षकों से परीक्षक उपलब्ध कराने को लेकर संपर्क किया जा रहा है। अतिरिक्त परीक्षकों की नियुक्ति या उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य समय पर मूल्यांकन पूरा कर छात्रों के परिणाम जारी करना है। 50 नए विषयों के कारण बढ़े कार्यभार को संभालने के लिए जल्द अतिरिक्त संसाधन जुटाने की तैयारी है।
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