कक्षा 12 के एक छात्र द्वारा लिखे गए वायरल ब्लॉग ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। छात्र सार्थक सिद्धांत ने CBSE के आधिकारिक दस्तावेजों का अध्ययन कर टेंडर शर्तों में हुए बदलावों पर सवाल उठाए हैं। ब्लॉग में दावा किया गया है कि कुछ संशोधनों से टेंडर प्रक्रिया एक विशेष कंपनी के पक्ष में जाती दिखाई देती है। संबंधित अनुबंध अंततः कोएम्प्ट एडुटेक को मिला था। छात्र की इस पड़ताल ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा पैदा कर दी है। विपक्षी नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की बात कही है। उनका कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। ब्लॉग में उठाए गए मुद्दों ने सरकारी खरीद प्रक्रियाओं की निगरानी पर भी ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित संस्थाएं इन सवालों का क्या जवाब देती हैं और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
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