कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर केंद्र सरकार और बोर्ड को घेरा। उन्होंने दावा किया कि गलत नंबर आने पर छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका जांचने के लिए 2000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। राहुल गांधी ने इसे ‘बच्चों से कमाई’ करार दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा को सेवा के बजाय कारोबार बना दिया गया है। उन्होंने केंद्र से इस तरह की व्यवस्था को तुरंत बदलने और पारदर्शिता लाने की मांग की। विपक्ष ने भी सीबीएसई पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, CBSE का कहना है कि यह प्रक्रिया सुरक्षित और निष्पक्ष है। राहुल गांधी का यह बयान चुनावी साल में राजनीतिक गरमाहट बढ़ा सकता है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अंक सुधार के लिए अत्यधिक शुल्क छात्रों पर अनावश्यक बोझ डालता है। फिलहाल, केंद्र सरकार ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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