BMC के एक पैनल में कथित तौर पर पर्याप्त भूमिका नहीं मिलने से भाजपा पार्षदों में नाराजगी सामने आई है। भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया है कि पैनल के कामकाज में उनकी बात को महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए एक शिवसेना नेता को जिम्मेदार ठहराया है। पार्षदों का कहना है कि उन्हें निर्णय प्रक्रिया में अपेक्षित भागीदारी नहीं मिल रही है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा के भीतर असंतोष बढ़ने की बात सामने आई है। पैनल में प्रतिनिधित्व और अधिकार को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बताए जा रहे हैं। भाजपा पार्षदों ने अपनी आपत्तियां संबंधित स्तर पर उठाई हैं। उनका आरोप है कि पैनल में उनकी भूमिका सीमित कर दी गई है। इस विवाद से स्थानीय निकाय की राजनीति में तनाव बढ़ सकता है। भाजपा पार्षद अपने अधिकारों और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी की मांग कर रहे हैं। शिवसेना नेता पर लगाए गए आरोपों को लेकर उनकी प्रतिक्रिया से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। मामले में दोनों पक्षों के बीच बातचीत से विवाद सुलझाने की कोशिश की जा सकती है।
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