AMC और AUDA पर संरचनात्मक स्थिरता प्रमाणपत्र के नियम को प्रभावी ढंग से लागू नहीं करने का आरोप है। यह प्रमाणपत्र इमारतों की सुरक्षा और मजबूती सुनिश्चित करने के लिए जरूरी माना जाता है। नियम के तहत संबंधित भवनों की संरचनात्मक स्थिरता की जांच कराना आवश्यक है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा नियम के पालन को लेकर लापरवाही बरते जाने की बात सामने आई है। नियम लागू नहीं होने से भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। संरचनात्मक जांच समय पर नहीं होने से पुराने और कमजोर भवनों पर जोखिम बढ़ सकता है। नागरिकों की सुरक्षा के लिए ऐसे प्रमाणपत्र की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। AMC और AUDA की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। अधिकारियों से नियम के प्रभावी क्रियान्वयन की अपेक्षा की जा रही है। भवन मालिकों और संबंधित संस्थाओं को सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है। नियमों के पालन में कमी से संभावित दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। मामले में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है।
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