ताइवान का शेयर बाजार तेजी से उभरते हुए भारत को पीछे छोड़ दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा बाजार बन गया है। इस बदलाव के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI सेक्टर की जबरदस्त भूमिका मानी जा रही है। AI तकनीक से जुड़ी कंपनियों में निवेश बढ़ने से ताइवान के बाजार को बड़ा फायदा मिला है। खासतौर पर सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण कंपनियों की मांग में भारी उछाल देखा गया। ताइवान की टेक इंडस्ट्री वैश्विक AI सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन चुकी है। इसके चलते निवेशकों का भरोसा वहां के बाजार पर लगातार मजबूत हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार साउथ कोरिया का बाजार भी तेजी से प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ रहा है। एशियाई बाजारों में तकनीकी कंपनियों की बढ़ती ताकत का असर साफ दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर भारतीय बाजार में भी निवेश बना हुआ है, लेकिन ताइवान ने मार्केट वैल्यू में बढ़त हासिल कर ली है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित उद्योग आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेंगे। चिप निर्माण और हाई-टेक सेक्टर वाले देशों को इसका सबसे अधिक लाभ मिल रहा है। निवेशकों की रुचि अब पारंपरिक उद्योगों से ज्यादा टेक और AI कंपनियों की ओर बढ़ रही है। यह बदलाव वैश्विक बाजारों में नई आर्थिक प्रतिस्पर्धा का संकेत माना जा रहा है। AI की तेजी ने एशिया के कई बाजारों की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है।
Source: Source