दुबई में अत्यधिक गर्मी पड़ती है, लेकिन एसी तकनीक आने से पहले वहां के लोग पारंपरिक तरीकों से अपने घरों को ठंडा रखते थे। शेखों और अमीर परिवारों के घरों में प्राकृतिक वेंटिलेशन का खास ध्यान रखा जाता था। मोटी दीवारें और ऊंची छतें गर्मी को अंदर आने से रोकती थीं। घरों में हवा के प्रवाह के लिए विशेष टावर बनाए जाते थे, जिन्हें विंड टावर कहा जाता था। ये टावर गर्म हवा को बाहर निकालकर ठंडी हवा अंदर लाने में मदद करते थे। आंगन और खुले स्थान भी घरों को ठंडा रखने में सहायक होते थे। कई घरों में पानी और छाया का उपयोग भी तापमान नियंत्रित करने के लिए किया जाता था। रेत और मिट्टी से बने निर्माण भी गर्मी को कम महसूस कराते थे। रात के समय हवा का उपयोग ठंडक बनाए रखने के लिए किया जाता था। यह पारंपरिक वास्तुकला आज भी कई जगहों पर देखी जा सकती है। आधुनिक एसी तकनीक आने के बाद भी इन तरीकों को ऐतिहासिक महत्व दिया जाता है।
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