राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा मार्गों पर घोड़ों और खच्चरों के संचालन के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। इस SOP के तहत पहली बार इन पशुओं की वहन क्षमता निर्धारित की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, सुगमता और पशुओं के कल्याण को सुनिश्चित करना है। अब किसी भी घोड़े या खच्चर पर निर्धारित वजन से अधिक भार नहीं लादा जा सकेगा। पशुओं को पर्याप्त आराम, पानी और चारा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यात्रा मार्गों पर नियमित पशु चिकित्सा जांच शिविर लगाए जाएंगे। साथ ही, पशुओं के साथ क्रूरता करने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। यात्रा के दौरान किसी भी घायल पशु का तुरंत इलाज किया जाएगा। नई व्यवस्था से पशुओं की अत्यधिक मेहनत और यात्रियों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। सरकार ने यह कदम श्रद्धालुओं और पशु कल्याणकारी संगठनों की लंबे समय से उठाई जा रही मांगों के मद्देनजर उठाया है। अब यात्रा मार्गों पर बिना पंजीकरण और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के किसी भी पशु का संचालन प्रतिबंधित होगा। यह SOP पूरे चारधाम यात्रा सीजन में लागू रहेगी। इससे यात्रा का अनुभव अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो जाएगा।
Source: Source