चिरमिरी शहर में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के खिलाफ श्रीराम कथा आयोजन समिति और सनातन समाज के लोगों ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जगतगुरु रामभद्राचार्य को लेकर महंत द्वारा की गई एक टिप्पणी के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह टिप्पणी सनातन समाज का अपमान है। विरोध के दौरान लगाए गए पोस्टरों में चरणदास महंत को रावण के रूप में दिखाया गया, जिससे माहौल गरमा गया। चिरमिरी के महापौर रामनरेश राय भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके साथ समिति के सदस्यों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए महंत से सार्वजनिक माफी की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धार्मिक संतों और सनातन आस्था के खिलाफ कोई भी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया था। गौरतलब है कि मनेंद्रगढ़ दौरे के दौरान जब चरणदास महंत से पूछा गया कि क्या वे जगतगुरु रामभद्राचार्य से मिलेंगे, तो उन्होंने कहा था कि वे उन्हें न तो जगतगुरु मानते हैं और न ही गांव का गुरु। महंत ने रामभद्राचार्य को भाजपा का प्रचारक भी बताया था। इस बयान के बाद से ही सनातन समाज में रोष फैलता जा रहा है और लगातार विरोध के स्वर तेज हो रहे हैं।
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