यूनाइटेड किंगडम में 1 जुलाई से नई ऊर्जा मूल्य सीमा (एनर्जी कैप) लागू होने जा रही है। इस बदलाव से औसत घरेलू बिजली और गैस बिलों में 13 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। सरकार का यह कदम बढ़ती ऊर्जा लागत और वैश्विक कीमतों के दबाव के चलते उठाया गया है। नई सीमा के तहत आम परिवारों को हर महीने 15 से 20 पाउंड अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं। यह बढ़ोतरी सर्दियों के मौसम से पहले लागू हो रही है, जब खपत सबसे अधिक होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे निम्न और मध्यम आय वाले परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। कई परिवार पहले से ही महंगाई और ऊंची किराना कीमतों से जूझ रहे हैं। सरकार ने कुछ राहत पैकेज की घोषणा की है, लेकिन उसका दायरा सीमित है। उपभोक्ता संगठन लोगों को ऊर्जा बचत के उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं। सोलर पैनल और इंसुलेशन जैसे विकल्प लंबी अवधि में फायदेमंद हो सकते हैं। बिजली कंपनियों ने ग्राहकों से कहा है कि वे बचत योजनाओं पर बात करने के लिए संपर्क करें। विपक्ष ने सरकार पर राहत देने में विफल रहने का आरोप लगाया है। यह बदलाव आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालेगा और आने वाले महीनों में इसका असर साफ दिखेगा।
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