अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक और वैचारिक विवाद तेज हो गया है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख और शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस मुद्दे पर चुप्पी देखी जा रही है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी इस मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए। वहीं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ट्रंप के प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इजरायल का अस्तित्व स्वीकार नहीं है। ख्वाजा आसिफ की टिप्पणी के बाद पाकिस्तान की राजनीति में बहस और तेज हो गई है। दूसरी ओर आतंकी संगठन लश्कर की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। संगठन ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि इजरायल को मान्यता देने वालों का अंजाम बुरा होगा। इस बयान ने क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा दिया है। पाकिस्तान में इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इन बयानों को गंभीरता से देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला पाकिस्तान की विदेश नीति पर असर डाल सकता है। ट्रंप के प्रस्ताव के बाद पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
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