ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के CEO ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नौकरियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि AI के कारण बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म हो जाएंगी। लेकिन अब उनका यह अनुमान गलत साबित हुआ है। उनके अनुसार वास्तविक स्थिति उनकी शुरुआती सोच से अलग निकली है। AI ने जितनी नौकरियों को खत्म करने की आशंका थी, उतना प्रभाव नहीं डाला है। बल्कि कई क्षेत्रों में यह तकनीक सहायक भूमिका निभा रही है। उन्होंने माना कि तकनीक को लेकर उनका पूर्वानुमान पूरी तरह सटीक नहीं था। इस बयान के बाद AI और रोजगार को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञ इस मुद्दे पर अलग-अलग राय रख रहे हैं। कुछ लोग मानते हैं कि AI नौकरियों को बदल रहा है, खत्म नहीं कर रहा। वहीं कुछ का कहना है कि इसका प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ सकता है। यह बयान टेक्नोलॉजी और भविष्य की नौकरियों को लेकर बहस को फिर से तेज कर रहा है। फिलहाल AI के वास्तविक असर को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ रही है।
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