आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर दुनियाभर में बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अब इसकी लागत और फायदे पर सवाल उठने लगे हैं। उबर के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में AI को लेकर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि कंपनियां AI पर भारी निवेश कर रही हैं, लेकिन उसके मुकाबले अपेक्षित बिजनेस परिणाम नहीं मिल रहे हैं। उनके मुताबिक AI तकनीक को लागू करने में काफी खर्च आ रहा है। इसके बावजूद कई कंपनियों को स्पष्ट और स्थायी लाभ दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने संकेत दिया कि AI को लेकर बाजार में उम्मीदें बहुत अधिक बढ़ा दी गई हैं। उबर अधिकारी का कहना है कि केवल निवेश बढ़ाने से सफलता की गारंटी नहीं मिलती। कंपनियों को यह समझना होगा कि AI का वास्तविक उपयोग कहां और कैसे करना है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि AI तकनीक अभी विकास के दौर में है। कई बिजनेस मॉडल अभी इसके प्रभाव का सही आकलन नहीं कर पा रहे हैं। AI टूल्स की ट्रेनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस पर भारी लागत आती है। इसके कारण छोटी और मध्यम कंपनियों के लिए इसे अपनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, टेक इंडस्ट्री अब भी AI को भविष्य की बड़ी तकनीक मान रही है। आने वाले समय में AI के उपयोग और उसकी वास्तविक उपयोगिता को लेकर और बहस तेज हो सकती है। कंपनियां अब AI निवेश से जुड़े फायदे और लागत का संतुलन तलाशने में जुटी हैं।
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