एक सड़क हादसे में बहू की मौत हो गई थी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद सास को 18.03 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। मृतका के पति के साथ अलग रहने के कारण जेठ-जेठानी को आश्रित नहीं माना गया। हिंदू संयुक्त परिवार की अवधारणा के तहत केवल सास को आश्रित माना गया। जेठ-जेठानी और उनके बच्चों को प्रेम-स्नेह व संपदा हानि मद में 1.92 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह फैसला कोर्ट ने सुनाया है। मृतका के परिवार को यह मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। सास को यह मुआवजा बहू की मौत के कारण हुए नुकसान के लिए दिया जा रहा है। कोर्ट के इस फैसले से सास को न्याय मिला है।
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