हरियाणा के हिसार में चर्चित जीवन कुंडू हत्याकांड से जुड़े मामले में थाने की CCTV फुटेज गायब होने और रिकॉर्डिंग में करीब 9 मिनट का कट मिलने पर अदालत ने जांच के आदेश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अविषेक गर्ग की अदालत ने प्रोमिला की कथित अवैध हिरासत से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रोमिला मुख्य आरोपी रमेश की पत्नी है। आरोप है कि पुलिस उसे और उसकी सास को 4 अगस्त 2026 को सुरक्षा के नाम पर घर से थाने लेकर आई थी, लेकिन उनके आने-जाने की कोई आधिकारिक डेली डायरी रिपोर्ट (DDR) दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने प्रोमिला की औपचारिक गिरफ्तारी 5 अगस्त को दिखाई और 6 अगस्त को अदालत में पेश किया। आरोपी पक्ष के वकील परवीर आर्य के मुताबिक, अदालत ने हिसार के मंडलायुक्त और जिला मजिस्ट्रेट को HTM थाने तथा CIA-1 पुलिस स्टेशन के CCTV कैमरों और रिकॉर्डिंग बैकअप की जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों से 4 नवंबर 2026 तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले में सामने आया कि CIA हिसार के कैमरा नंबर 5 की रिकॉर्डिंग 4 अगस्त को शाम 6:20:13 से 6:29:13 बजे तक बंद रही। रिकॉर्डिंग रुकने से पहले थाने का सरकारी वाहन दिखाई दे रहा था, जबकि दोबारा रिकॉर्डिंग शुरू होने पर वह नजर नहीं आया। छठे कैमरे को लेकर पुलिस अधिकारियों के बयानों में भी अंतर सामने आया। पहले कैमरे को खराब बताया गया, जबकि बाद में कहा गया कि कैमरा चालू था, लेकिन रिकॉर्डिंग सेव नहीं हो सकी। पुलिस ने CCTV डेटा खराब होने के पीछे सिस्टम के ओवरहीट होने की दलील दी, जिस पर अदालत ने सवाल उठाए कि डेटा करप्ट होने की जानकारी मिलने के बाद तुरंत अदालत को सूचित क्यों नहीं किया गया। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि महिला को सुरक्षा के लिए थाने लाने के दावे के बावजूद DDR में एंट्री नहीं होना गंभीर अनियमितता का विषय है। हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने यह पूरी तरह साबित नहीं माना कि प्रोमिला को अवैध हिरासत में रखा गया था या गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए थे, इसलिए याचिका का निपटारा कर दिया। इसके बावजूद CCTV फुटेज गायब होने, रिकॉर्डिंग में कट और आधिकारिक रिकॉर्ड की अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच जरूरी बताते हुए अदालत ने कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
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