हरियाणा के रोहतक में बिजली कर्मचारियों ने 22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल करने का ऐलान किया है। मंगलवार को कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने जिले में ब्लैकआउट की आशंका भी जताई है। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के लीगल एडवाइजर जगदीश निराला ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली निगम का निजीकरण करना चाहती है। उनके मुताबिक, एचसीआरसी का सहारा लेकर निजीकरण का रास्ता खोला जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार सामने से निजीकरण का विरोध करती दिखती है, लेकिन पर्दे के पीछे इसकी तैयारी की जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि निजीकरण से बिजली की दरों और किसानों को मिलने वाली सस्ती बिजली पर असर पड़ सकता है। जगदीश निराला ने टेंडर पाने वाली कंपनी की कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की सालाना टर्नओवर क्षमता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इतनी क्षमता वाली कंपनी बिजली विभाग के करोड़ों रुपये के काम कैसे करवा पाएगी। सर्कल सेक्रेटरी सुनील दहिया ने भी सरकार पर बिजली निगम को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और एचसीआरसी चेयरमैन के पुतले फूंके गए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि हड़ताल के दौरान बिजली में खराबी आने पर उसे ठीक करने में दिक्कत हो सकती है। हालांकि, हड़ताल और निजीकरण को लेकर कर्मचारियों के ये आरोप हैं; सरकार का पक्ष उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
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