हरियाणा के फरीदाबाद जिले के हीरापुर गांव में सेना के जवान दिनेश वशिष्ठ की मौत से शोक की लहर है। करीब 28 वर्षीय दिनेश सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्होंने अस्पताल में करीब 15 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर पैतृक गांव पहुंचा। दिनेश भारतीय सेना की 48 आर्म्ड रेजिमेंट की 22 आरआर यूनिट में एसडब्ल्यूआर रैंक पर तैनात थे। उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के बारामूला में थी। वह करीब सात साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। लगभग 28 दिन पहले उनके घर बेटे का जन्म हुआ था और वह छुट्टी लेकर नवजात को देखने लौट रहे थे। रास्ते में हुए सड़क हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। घायल जवान का पहले फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल और बाद में बेस अस्पताल में इलाज हुआ। दिनेश के परिवार में उनके पिता सूरज प्रकाश, बड़े भाई जयप्रकाश और दो बड़ी बहनें हैं। पत्नी ज्योति के सामने अब नवजात बेटे के पालन-पोषण की जिम्मेदारी है। शनिवार को हीरापुर गांव में पूरे सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम विदाई के दौरान परिवार और ग्रामीणों की आंखें नम रहीं।
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