छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (डीएसपीएम) की मालगाड़ी का इंजन एक्सल टूटने से दो दिन तक रेलवे ट्रैक प्रभावित रहा। यह 12 वैगन वाली मालगाड़ी प्लांट तक कोयले की आपूर्ति के लिए इस्तेमाल होती है। दो दिन पहले मालगाड़ी कोरबा रेलवे स्टेशन की मानिकपुर साइडिंग-2 से कोयला लोड करके निकली थी। प्लांट की ओर जाते समय यार्ड से आगे बढ़ते ही तेज आवाज के साथ मालगाड़ी रुक गई। जांच करने पर पता चला कि इंजन के पिछले पहिए के पास लगा एक्सल टूट गया था। इससे इंजन का पहिया पटरी पर फंस गया और ट्रेन आगे नहीं बढ़ सकी। घटना के समय मालगाड़ी करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। गति कम होने के कारण इंजन के अलावा किसी अन्य हिस्से को नुकसान नहीं हुआ। सीएसईबी प्रबंधन ने इंजन की मरम्मत का काम खुद कराया। टूटे एक्सल को बदलने में तकनीकी कर्मचारियों को लगभग ढाई दिन लगे। इस दौरान सामान्य रूप से भेजे जाने वाले आठ रैक कोयले के मुकाबले छह रैक ही डिस्पैच किए जा सके। मरम्मत पूरी होने के बाद ट्रैक को दोबारा चालू कर दिया गया। डीएसपीएम के मुख्य अभियंता संजीव कंसल ने बताया कि प्लांट में कोयले का पर्याप्त स्टॉक मौजूद था। इसलिए इस घटना के बावजूद संयंत्र में कोयले की आपूर्ति और बिजली उत्पादन के परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ा।
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