उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे 72 वर्षीय परवेज परवाज की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह करीब आठ वर्षों से जेल में बंद था। परवेज को झाड़-फूंक के बहाने दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था। इस मामले में उसके साथ मौलवी जुम्मन को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जेल में बंद रहने के दौरान परवेज की तबीयत बिगड़ने पर उसका इलाज कराया जा रहा था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परवेज परवाज पहले भी कई विवादों के कारण चर्चा में रहा था। वर्ष 2007 के गोरखपुर दंगों के बाद उसने तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की पहल की थी। इस मामले को लेकर उस समय राजनीतिक और कानूनी चर्चाएं हुई थीं। परवेज का नाम एक सीडी विवाद में भी सामने आया था। इन घटनाओं के कारण वह लंबे समय तक सार्वजनिक चर्चा में बना रहा। उसकी मौत के बाद उसके आपराधिक मामले और पूर्व के विवाद फिर चर्चा में आ गए हैं।
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