दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत के व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों के कथित उल्लंघन के मामले में सख्त रुख अपनाया है। मामला उनकी पहचान और छवि का दुरुपयोग करने वाले AI डीपफेक कंटेंट से जुड़ा है। अदालत ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौजूद संबंधित सामग्री को हटाने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार, संबंधित कंटेंट को 72 घंटे के भीतर हटाया जाना है। यह मामला कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए किसी व्यक्ति की छवि और पहचान के दुरुपयोग से जुड़ी चिंताओं को सामने लाता है। कंगना रनौत एक अभिनेत्री होने के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी की सांसद भी हैं। उनके व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा इस कानूनी कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा है। AI डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज या वीडियो में कृत्रिम बदलाव करने के लिए किया जा सकता है। ऐसी सामग्री का गलत इस्तेमाल किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा और निजता को प्रभावित कर सकता है। अदालत के निर्देश का उद्देश्य कथित तौर पर अनुचित तरीके से इस्तेमाल की गई सामग्री को हटाना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म को निर्धारित समयसीमा के भीतर आदेश का पालन करना होगा। यह मामला ऑनलाइन सामग्री और सार्वजनिक हस्तियों के व्यक्तित्व अधिकारों की कानूनी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
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