कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने हिरासत के दौरान दिल्ली पुलिस पर उनके बुनियादी अधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। दीपके का दावा है कि हिरासत में रहने के दौरान पुलिस ने उन्हें अपने वकील और परिवार से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के इस रवैये से उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। दीपके के अनुसार, पुलिस ने उनसे अनुचित समय पर अपने माता-पिता से संपर्क करने को कहा। उन्होंने इस घटनाक्रम को अपने लिए तनावपूर्ण बताया है। इस मामले को लेकर दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने हिरासत से जुड़े पूरे वीडियो को सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल संपादित वीडियो जारी करने के बजाय पूरी रिकॉर्डिंग सामने लाई जानी चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, ‘हिम्मत है तो पूरा वीडियो जारी करें।’ दीपके की मांग का मुख्य उद्देश्य हिरासत के दौरान हुई घटनाओं का पूरा विवरण सार्वजनिक कराना है। उनके आरोपों ने हिरासत की प्रक्रिया और व्यक्ति के कानूनी अधिकारों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के संबंध में उपलब्ध जानकारी में कोई विवरण नहीं दिया गया है। मामले में दिल्ली पुलिस का पक्ष भी उपलब्ध सारांश में शामिल नहीं है।
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