बीजापुर में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 24 सड़कों के निर्माण में अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि सड़क बनाए बिना ही संबंधित ठेकेदारों को भुगतान कर दिया गया। मामले में जिम्मेदार 25 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 15 ठेकेदारों से कथित फर्जी भुगतान की राशि वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। इन सड़कों को 2018-19 में निर्माण की मंजूरी मिली थी और 2021-22 में काम शुरू हुआ था। आरोप है कि अधिकारियों ने मौके पर सड़क निर्माण की जांच किए बिना करीब 45 करोड़ रुपए जारी कर दिए। केंद्रीय पोर्टल पर भी कथित तौर पर फर्जी प्रविष्टियां दर्ज की गईं। पांच अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि एक उप अभियंता संविदा पर कार्यरत है। नोटिस के जवाब से शासन संतुष्ट नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की पेंशन रोकने की कार्रवाई भी हो सकती है। आवापाली-कोटापाली मार्ग की जांच में भी सड़क निर्माण को लेकर सवाल उठे हैं। पंचायत विभाग के सचिव भीम सिंह के अनुसार, ठेकेदारों को दिए गए भुगतान की वसूली के निर्देश हैं और समय पर राशि जमा नहीं करने पर एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी। विभाग की कार्रवाई के बाद तत्कालीन ईएनसी अरविंद राही से भी जवाब मांगा जा सकता है। बस्तर क्षेत्र में निर्माण कार्यों में लापरवाही के आरोप में लोक निर्माण विभाग ने कुछ ठेकेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। छह ठेकेदारों के पंजीयन नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है और दो ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त किए गए हैं।
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