मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के स्कूलों और पुराने भवनों का तत्काल सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। यह कदम दिल्ली में पांच मंजिला भवन गिरने जैसे हादसों को रोकने के लिए उठाया गया है। हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल और बड़े शैक्षणिक भवनों की सुरक्षा जांच कराई जाएगी। पुराने, जर्जर और जोखिम वाले भवनों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सभी जिलों के कलेक्टर और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित खतरों की पहले पहचान करनी चाहिए। स्कूल, छात्रावास, पुस्तकालय और अन्य सार्वजनिक स्थलों के पुराने भवनों की सुरक्षा जांच प्राथमिकता से करने को कहा गया है। जिन भवनों से जनहानि की आशंका हो, उन्हें चिह्नित कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर और एसपी को कार्रवाई शुरू करने के साथ नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ भी प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाने को कहा है। आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री और परिवहन के ठिकानों पर कार्रवाई करेंगे। सीमावर्ती इलाकों में दूसरे राज्यों से आने वाली अवैध शराब रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। राज्य में 3500 से अधिक स्कूल भवन अत्यंत जर्जर श्रेणी में बताए गए हैं और बड़ी संख्या में निजी पीजी, हॉस्टल तथा कोचिंग सेंटर सुरक्षा प्रमाणपत्रों के बिना संचालित होने की बात सामने आई है।
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