मोहाली की अदालत ने कथित डकैती की साजिश के मामले में दो BSF कर्मियों को बरी कर दिया। अदालत ने उनके खिलाफ साजिश के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत नहीं पाए। कोर्ट के अनुसार दोनों को कथित साजिश से जोड़ने वाला कोई ठोस संबंध सामने नहीं आया। मामले में एक अन्य आरोपी जतिंदर सिंह उर्फ जिंडी को दोषी ठहराया गया। उसे अवैध हथियार रखने के मामले में एक साल की सजा सुनाई गई। जिंडी की गिरफ्तारी दिसंबर 2015 में हुई थी। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से हथियार और कारतूस बरामद किए गए थे। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर BSF कर्मियों को साजिश के आरोपों से राहत दी। मामले के दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। फरार आरोपियों के पकड़े जाने पर उनके खिलाफ न्यायिक कार्यवाही फिर शुरू होगी। अदालत का फैसला उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की परिस्थितियों के आधार पर आया।
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