राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों के बाद विजयी प्रत्याशियों के सार्वजनिक विजय जुलूस निकालने पर रोक लगाई गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान निर्वाचित सदस्यों, अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के विजय जुलूस पर प्रतिबंध के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह कदम कानून-व्यवस्था और लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है। प्रतिबंध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आदेश की पालना सुनिश्चित कराने को कहा गया है। निर्देशों के अनुसार, जीत के बाद प्रत्याशी प्रमाण-पत्र लेने के बाद अपने घर या सीमित दायरे में जश्न मना सकते हैं। प्रतिबंध सार्वजनिक सड़कों पर जुलूस निकालने और भीड़ जुटाकर शक्ति प्रदर्शन करने पर है। कुछ जिलों में प्रशासन ने विजय समारोह, आमसभा, आतिशबाजी और उत्तेजक नारेबाजी पर भी रोक के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि चुनाव परिणाम के बाद भीड़ और जुलूस से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। जयपुर में विजय जुलूस पर प्रतिबंध 13 से 25 सितंबर 2026 तक लागू रहने का आदेश जारी किया गया था। उदयपुर में भी मतगणना और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। परिवार और सीमित समर्थकों के साथ सामान्य तरीके से खुशी मनाने पर रोक नहीं बताई गई है। इन निर्देशों का उद्देश्य चुनाव परिणामों के बाद सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ और संभावित विवाद की स्थिति को नियंत्रित करना है।
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