राजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण में 162 नगरीय निकायों में मतदान खत्म होने के बाद कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी शुरू की। पार्टी ने कई प्रत्याशियों को सुरक्षित ठिकानों और रिजॉर्ट में भेजने की व्यवस्था की। रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्याशियों को मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए गए। कुछ स्थानों पर प्रत्याशियों को केवल साधारण की-पैड फोन रखने की अनुमति देने की बात सामने आई। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि इसका उद्देश्य प्रत्याशियों की लोकेशन को गोपनीय रखना है। पार्टी को आशंका है कि विपक्षी दल प्रत्याशियों से संपर्क कर उन्हें प्रभावित करने या प्रलोभन देने की कोशिश कर सकते हैं। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस प्रत्याशियों को मतदान के तुरंत बाद पार्टी कार्यालयों में बुलाया गया। इसके बाद उन्हें बसों और अन्य वाहनों से अलग-अलग ठिकानों पर भेजा गया। कुछ क्षेत्रों में प्रत्याशियों के ठहरने के लिए फार्म हाउस और होटल का भी इस्तेमाल किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, राजस्थान के कई हिस्सों में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी की। यह व्यवस्था चुनाव परिणाम आने तक संभावित क्रॉस वोटिंग और खरीद-फरोख्त की आशंकाओं के बीच की गई। पहले चरण में 162 नगरीय निकायों के लिए मतदान हुआ था। बाद में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को रिजॉर्ट में रखने की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हुई।
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