छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने रायपुर के श्री ठाकुर रामचंद्रजी स्वामी जैतूसव मठ की जमीन से जुड़े मामले में फैसला सुनाया। मामला पुरानी बस्ती स्थित जैतूसव मठ की भूमि के राजस्व रिकॉर्ड से संबंधित था। महंत राम आशीष दास ने राजस्व रिकॉर्ड से कलेक्टर का नाम हटाने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने की। अदालत ने महंत राम आशीष दास की याचिका खारिज कर दी। याचिका में मठ की जमीनों के रिकॉर्ड में कलेक्टर के नाम दर्ज होने पर आपत्ति जताई गई थी। महंत की ओर से कलेक्टर का नाम हटाने की मांग की गई थी। अदालत के आदेश के बाद राजस्व रिकॉर्ड में कलेक्टर का नाम बना रहेगा। कलेक्टर मठ की संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़े रहेंगे। इस फैसले से मठ की जमीनों के प्रबंधन को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई है। मामला मठ की संपत्तियों के राजस्व रिकॉर्ड और प्रबंधन अधिकार से जुड़ा था।
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