पंजाब में 13 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन के बीच भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। यूनियन ने पंजाब सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं के आवासों पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। किसान नेताओं के अनुसार 12 सितंबर को चार पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। इनमें पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां शामिल हैं। 13 सितंबर को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और वरिष्ठ भाजपा नेता केवल सिंह ढिल्लों के आवासों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान नेताओं को मांग पत्र सौंपने की भी बात कही गई है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो विधानसभा सत्र के पहले दिन किसान विधानसभा भवन का घेराव करेंगे। किसान संगठन ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर लैंड पूलिंग नीति रद्द करने की मांग की है। संगठन ने जमीनों की पैमाइश के लिए ड्रोन सर्वे पर रोक लगाने और लंबे समय से जमीन पर काबिज लोगों को मालिकाना हक देने की मांग रखी है। किसानों और मजदूरों की संपूर्ण कर्ज माफी तथा सूदखोरी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग भी शामिल है। आर्थिक तंगी के कारण जान गंवाने वाले किसान परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की गई है। पराली जलाने और आंदोलनों के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी यूनियन ने उठाई है। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित फसलों के मुआवजे के लिए अलग बजट और दरियाई पानी के बंटवारे पर रिपेरियन व बेसिन नियमों के आधार पर समाधान की मांग की गई है।
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