यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को बैंककर्मी और अधिकारी एक दिन की हड़ताल पर रहे। पांच दिन के कार्यदिवस की मांग को लेकर देशभर के बैंकों में कामकाज प्रभावित हुआ। हड़ताल के कारण सभी बैंक पूरी तरह बंद रहे। बैंक शाखाओं में दिनभर कामकाज ठप रहा। बैंककर्मियों ने स्टेट बैंक कलेक्टोरेट ब्रांच के सामने प्रदर्शन किया। यूनियन ने 8 मार्च 2024 को हुए समझौते के तहत 5-डे वर्किंग लागू करने की मांग दोहराई। सेंट्रल बैंक ऑफिसर्स यूनियन के छत्तीसगढ़ प्रेसिडेंट श्याम गुप्ता ने आंदोलन की आगे की रणनीति बताई। उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो 28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल होगी। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है। बैंककर्मियों का कहना है कि वर्तमान में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश मिलता है। कर्मचारियों के आने का समय निर्धारित है, लेकिन काम खत्म करने का समय तय नहीं होता। उन्होंने इसे कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव का कारण बताया। कर्मचारियों ने परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI नीति पर भी असंतोष जताया। उनका आरोप है कि इस नीति में कर्मचारियों और प्रबंधन के लाभ में असमानता है। हड़ताल के चलते बैंक पहुंचे ग्राहकों को बिना काम कराए लौटना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने आगामी आंदोलन को सफल बनाने के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।
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