दिल्ली में एक बेटे और बहू ने अपने माता-पिता के घर पर कब्जा करने की कोशिश की। माता-पिता ने उन्हें प्यार और भरोसे के चलते घर की पहली मंजिल पर बिना किराए के रहने दिया था। आरोप है कि बेटे और बहू ने संपत्ति पर दावा मजबूत करने के लिए जाली दस्तावेजों का सहारा लिया। विवाद सामने आने के बाद मामला अदालत पहुंचा। निचली अदालत ने माता-पिता के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद बेटे और बहू ने इस फैसले को चुनौती दी। हाईकोर्ट ने भी माता-पिता के पक्ष में फैसला बरकरार रखा। अदालत ने संपत्ति हड़पने की कोशिश को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने बेटे के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत की टिप्पणी ने माता-पिता के साथ किए गए व्यवहार पर सवाल खड़े किए। मामले में जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल को भी अहम माना गया। कोर्ट के फैसले से माता-पिता को अपने घर पर कानूनी अधिकार की राहत मिली।
Source: Source