रांची में JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने के बाद नियुक्त अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन में धरना देकर अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं। उनका कहना है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच की जानी चाहिए। हालांकि, जांच के नाम पर पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। अभ्यर्थियों ने अपनी नियुक्ति और भविष्य को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि उन्होंने चयन प्रक्रिया के बाद सरकारी पद हासिल किए हैं। परीक्षा रद्द होने के फैसले से उनकी नौकरी पर भी अनिश्चितता पैदा हो गई है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी सरकार से पूरे मामले में निष्पक्ष निर्णय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जिन अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है, उन्हें इसका खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए। धरने के जरिए अभ्यर्थियों ने अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। उन्होंने सरकार से मामले का समाधान जल्द निकालने की अपील की है। JSSC-CGL परीक्षा से जुड़ा विवाद अब नियुक्त अभ्यर्थियों के भविष्य का मुद्दा भी बन गया है।
Source: Source