जर्मनी के स्टार्टअप वूडिन ने विंड टर्बाइन ब्लेड बनाने के लिए फाइबरग्लास की जगह लैमिनेटेड वेनियर लंबर का इस्तेमाल किया है। कंपनी इसे पारंपरिक फाइबरग्लास कंपोजिट का अधिक टिकाऊ विकल्प बता रही है। स्टार्टअप की शुरुआती ब्लेड प्रोटोटाइप का फील्ड टेस्ट किया जा रहा है। इन ब्लेड की लंबाई 19.3 मीटर है। नई तकनीक का उद्देश्य विंड टर्बाइन ब्लेड से पैदा होने वाले कचरे की समस्या को कम करना है। पारंपरिक ब्लेड में इस्तेमाल होने वाले कंपोजिट पदार्थों को रीसायकल करना चुनौतीपूर्ण माना जाता है। लकड़ी आधारित ब्लेड को अधिक पर्यावरण अनुकूल विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है। कंपनी व्यावसायिक स्तर पर बड़े आकार के ब्लेड बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यूरोपीय संघ के समर्थन से एक नई फैक्ट्री स्थापित करने की योजना है। इस फैक्ट्री में पूरी तरह रीसायकल किए जा सकने वाले ब्लेड बड़े पैमाने पर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। तकनीक के सफल होने पर पवन ऊर्जा उद्योग में ब्लेड निर्माण के तरीके बदल सकते हैं। कंपनी का लक्ष्य टिकाऊ सामग्री के जरिए टर्बाइन ब्लेड के पूरे जीवनचक्र के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना है। फिलहाल प्रोटोटाइप के प्रदर्शन और व्यावसायिक उपयोग की क्षमता का परीक्षण जारी है।
Source: Source