छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष कमल सोनी के इस्तीफे पर कोई फैसला नहीं हुआ। बैठक में संविधान संशोधन के मुद्दे पर भी चर्चा नहीं की गई। कमल सोनी ने अध्यक्ष सतीश थौरानी पर इस मामले में टालमटोल करने का आरोप लगाया। सोनी का कहना है कि संविधान संशोधन का प्रस्ताव आमसभा में रखने से पहले कार्यकारिणी में चर्चा जरूरी है। रविवार को पहली बार बिलासपुर में चेंबर की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई। इसमें प्रदेशभर से चेंबर पदाधिकारी और कारोबारी शामिल हुए। बैठक में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के साथ कारोबारियों की समस्याओं पर चर्चा हुई। ट्रांसपोर्टिंग की दिक्कतों और नए उद्योगों को बढ़ावा देने के उपायों पर भी मंथन किया गया। बैठक से एक दिन पहले कमल सोनी के इस्तीफे से चेंबर की अंदरूनी राजनीति गरमा गई थी। सोनी ने संगठन में क्षेत्रीय असंतुलन और सभी संभागों को समान प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर सवाल उठाए हैं। अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि संविधान संशोधन का फैसला कार्यकारिणी नहीं, बल्कि आमसभा करती है। उन्होंने बताया कि संशोधन का मुद्दा कार्यकारिणी के एजेंडे में शामिल नहीं था और सोनी के इस्तीफे पर भी कोई निर्णय नहीं हुआ। थौरानी के अनुसार संविधान संशोधन के लिए समिति बनाई गई है, जिसमें कमल सोनी भी सदस्य हैं। सोनी ने दावा किया कि वह पहले भी कई बार संशोधन की मांग कर चुके हैं, लेकिन प्रक्रिया को जानबूझकर आगे नहीं बढ़ाया जा रहा।
Source: Source