यमुनानगर में अमृतसर के सर्राफ कारोबारी से दो किलो सोने के आभूषणों की लूट मामले में पुलिस जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस अब केवल लुटेरों की तलाश तक सीमित नहीं है, बल्कि वारदात की पूरी साजिश को समझने में जुटी है। जांच एजेंसियां पता लगा रही हैं कि कारोबारी की यात्रा, रूट और सोने की जानकारी किस तरह लुटेरों तक पहुंची। पुलिस कारोबारी और उसके बेटे की पूरे दिन की गतिविधियों को दोबारा जोड़ रही है। अमृतसर से यमुनानगर पहुंचने से लेकर ज्वेलर्स से मुलाकात और डिलीवरी के क्रम की जांच की जा रही है। जांच में मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस आसपास के मोबाइल टावरों से मिले डेटा का भी विश्लेषण कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी ने पहले से कारोबारी की रेकी की थी। कारोबारी के व्यापारिक व्हाट्सएप ग्रुप और संदेशों की गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। पुलिस यह जानना चाहती है कि घटना वाले दिन उसकी लोकेशन और यात्रा की जानकारी किन लोगों तक पहुंची। कारोबारी ने पूछताछ में देरी और बार-बार बुलाए जाने पर सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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