झारखंड के रिम्स ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य में पहली बार गर्भ में ही गंभीर आनुवांशिक बीमारियों की पहचान करने की सुविधा शुरू की गई है। इस तकनीक से थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों की प्रसवपूर्व जांच संभव होगी। विशेषज्ञों के अनुसार इससे समय रहते बीमारी की जानकारी मिल सकेगी। रिम्स में इस सुविधा के जरिए अब तक चार गंभीर मामलों की पहचान की जा चुकी है। डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम इस जांच प्रक्रिया को संचालित कर रही है। यह सुविधा गर्भवती महिलाओं और परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे भविष्य में आनुवांशिक रोगों के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी। चिकित्सा विशेषज्ञों ने इसे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में अहम कदम बताया है। नई सुविधा से मरीजों को बेहतर उपचार योजना बनाने में सहायता मिलेगी।
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