करीब 40 गांवों के लोगों ने आपसी सहयोग से धन इकट्ठा कर पुल बनाने की पहल की। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से पुल की जरूरत महसूस की जा रही थी। आवश्यक सुविधा नहीं मिलने पर लोगों ने स्वयं संसाधन जुटाए। हालांकि प्रशासन ने बिना आधिकारिक मंजूरी के किसी भी निर्माण की अनुमति देने से इनकार किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अनधिकृत ढांचा स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने नियमों के अनुसार ही निर्माण कार्य कराने पर जोर दिया है। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच इस मुद्दे पर बातचीत की संभावना बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल बनने से आवागमन काफी आसान होगा। प्रशासन सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना चाहता है। मामले को लेकर आगे आवश्यक कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी।
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