महेंद्रगढ़ के कनीना निवासी सूबेदार वीरेंद्र सिंह का लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। बर्फीले क्षेत्र में पैर फिसलने से उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। सेना ने उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वीरेंद्र सिंह के निधन की खबर से उनके पैतृक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। सेना के जवानों ने पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके घर पहुंचाया। अंतिम यात्रा में लोगों ने भारत माता की जय और वीरेंद्र सिंह अमर रहें के नारे लगाए। सूबेदार वीरेंद्र सिंह वर्ष 2001 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वह आर्म्ड यूनिट में तैनात होकर कठिन परिस्थितियों में देश सेवा कर रहे थे। उनके पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा रह गए हैं।
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