वैज्ञानिक खेतों में पिसी हुई ज्वालामुखीय चट्टानों का इस्तेमाल कर कार्बन डाइऑक्साइड को कम करने की नई तकनीक पर काम कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में बेसाल्ट जैसी चट्टानों को खेतों में फैलाया जाता है, जो प्राकृतिक कार्बन कैप्चर प्रक्रिया को तेज करती हैं। यह चट्टानें वायुमंडल की कार्बन डाइऑक्साइड को स्थिर बाइकार्बोनेट आयनों में बदलकर लंबे समय तक संग्रहीत करने में मदद करती हैं। इसके अलावा, बेसाल्ट मिट्टी में जरूरी पोषक तत्व भी पहुंचाता है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता और फसल उत्पादन में सुधार हो सकता है। खेतों में किए गए शुरुआती प्रयोगों में कार्बन हटाने के साथ कृषि लाभ की संभावनाएं सामने आई हैं। वैज्ञानिक अब इस तकनीक की प्रभावशीलता की पुष्टि करने और इसे बड़े स्तर पर कार्बन हटाने की रणनीतियों में शामिल करने के लिए शोध कर रहे हैं।
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