केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की जून ड्रग अलर्ट रिपोर्ट में देशभर की 159 दवाएं और कॉस्मेटिक उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश में बनी 46 दवाएं भी शामिल हैं। ये दवाएं राज्य की 34 अलग-अलग निर्माण इकाइयों में तैयार की गई थीं। रिपोर्ट में कालाअंब में बने एडेनोसिन इंजेक्शन के एक बैच को नकली दवा घोषित किया गया है। हिमाचल के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र से सबसे अधिक 30 उत्पाद गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए। जांच में एंटीबायोटिक, दर्द निवारक, बुखार की दवाएं, बच्चों के सिरप और इंजेक्शन जैसी कई दवाएं शामिल हैं। टेल्मिसार्टन, इबुप्रोफेन और अन्य दवाओं में गुणवत्ता संबंधी कमियां पाई गई हैं। कुछ इंजेक्शन स्टेरिलिटी और अन्य महत्वपूर्ण परीक्षणों में भी असफल रहे हैं। राज्य दवा नियंत्रक ने बताया कि खराब गुणवत्ता वाली दवाओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संबंधित बैचों को बाजार से वापस मंगाने और बिक्री रोकने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर दवा कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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