उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म का मामला रद्द कर दिया। अदालत ने पाया कि दोनों के बीच संबंध डेटिंग ऐप टिंडर के माध्यम से आपसी सहमति से शुरू हुआ था। समय के साथ दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी सहमति से बने। बाद में दोनों का रिश्ता टूट गया। अदालत ने कहा कि केवल संबंध का विवाह तक नहीं पहुंचना अपने आप में दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले का मूल्यांकन किया। अदालत के अनुसार, इस मामले में आपराधिक कार्रवाई जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। इसलिए संबंधित एफआईआर और आगे की आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया गया। फैसले में सहमति और संबंधों की प्रकृति को महत्वपूर्ण आधार माना गया। यह निर्णय मामले के विशेष तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर दिया गया है।
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